बीते कई बरसों से घर की आर्थिक हालत सही थी, लेकिन अचानक ही हालत बिगडते चले गए, या फिर आमदनी तो बहुत है, लेकिन खर्च उससे कहीं अधिक, कभी जायज खर्च तो कभी नाजायज खर्च… ये और धन की आवक में रूकावट डालने वाली इस तरह की समस्‍याओं से अगर आप परेशान हैं तो इसका आशय है कि आपके वेल्‍थ जोन यानी धन की दिशा में अवश्‍य कोई बाधा यानी वास्‍तु दोष है।

कई मामलों में ऐसा देखने में आया है कि जब हमारी भाग्‍य स्थिति बेहद प्रबल होती है तो वास्‍तु दोष के दुष्‍प्रभाव का पता हमें नहीं चल पाता या फिर हम छोटी-मोटी हानियों को बडे मुनाफों के सामने नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन भाग्‍यस्थिति ज्‍यों ही पलटा खाती है तो ये वास्‍तु दोष अपना दुष्‍प्रभाव दिखाने लगते हैं। अगर वास्‍तु दोष गंभीर हैं तो ये आपको रईस से फकीर तक बना देते हैं। आशय यह कि आप कर्ज में डूब जाते हैं और कर्ज उतरने का नाम नहीं लेते।

इसमें दो राय नहीं कि पैसा हमेशा से मनुष्‍य की जरूरत रहा है और आज भी है। पैसा कमाने के लिए हम क्‍या कुछ नहीं करते। देखा जाए तो हमारे जीवन के अधिकांश प्रयास इसी लिए होते हैं। हों भी क्‍यों न, आखिर हमारी सामाजिक सुरक्ष, पारीवारिक आवश्‍यकताएं सब कुछ तो पैसे पर निर्भर है। नियति हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन वास्‍तु को सुधारना और अपने भाग्‍य का 100 फीसदी प्राप्‍त करना जरूर हमारे हाथ में है। तो आइए, जानते हैं वास्‍तु से किस प्रकार हम अपने जीवन में धन की आवक सुनिश्चित कर सकते हैं।

  • उत्‍तर दिशा धन के देवता कुबेर की दिशा है। इस दिशा में अगर कोई भी वास्‍तु दोष है तो वह धन के आगमन को रोकेगा अर्थात पैसा कमाने संबंधि आपके प्रयास फलीभूत नहीं होंगे।
  • उत्‍तर की तरह ही पूर्व दिशा भी समृद्धि के लिए दोषमुक्‍त होनी आवश्‍यक है। पूर्व सूर्य की दिशा है, जिससे हमें ऊर्जा प्राप्‍त होती है। इस दिशा का बाधित या दोषयुक्‍त होना आपको ऊर्जाहीन बना देता है और ऊर्जाहीन मनुष्‍य धन कमाने के लिए न पर्याप्‍त प्रयास करता है और न ही उसमें इसके लिए पर्याप्‍त इच्‍छाशक्ति होती है।
  • उत्‍तर-पूर्व यानी ईशान कोण भी धन की आवक के लिए दोषमुक्‍त्‍ होनी आवश्‍यक है। इस दिशा में अगर वास्‍तु दोष है तो वह आपके संचित धन को भी समाप्‍त कर आपको कंगाल बना सकता है।

ज्‍यादातर लोगों का प्रश्‍न रहता है कि वे किस प्रकार जोनें कि उन पर वास्‍तुदोषों का दुष्‍प्रभाव है। इसके लिए कई तरीक हैं। पहला तो यह कि किसी व्‍यक्ति का भाग्‍य हमेशा खराब नहीं रह सकता। अगर आपको लगता है कि आपके पूर्ण प्रयसों के बाद भी अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है, तो इसकी वजह वास्‍तु दोष है। आप अपने क्‍लाइंट या बिजनेस को सर्वोत्‍तम सेवा या समय दे रहे हैं, लेकिन परिणाम संतुष्टिजनक नहीं है तो जान लिजिए इसका कारण वास्‍तुदोष है।

इस तरह के मामलों में एक कुशल वास्‍तुशास्‍त्री हमारी मदद कर सकता है। कई बार ऐसा भी होता है कि हमें जो और जितना मिल रहा होता है, हम उसे ही अपनी नियति मान लेते हैं, और अपने घर के वेल्‍थ जोन यानी धन की दिशा को एक्टिवेट करने के बारे में सोचते ही नहीं। एक वास्‍तुशास्‍त्री की मदद से धन की दिशा को एक्टिवेट कर दिया जाए तो हमें अधिक बेहतर परिणाम हासिल हो सकते हैं।

वास्‍तु सुधारने और वेल्‍थ जोन को एक्टिव करने के लिए कई तरह के उपाय किए जाते हैं। इसके लिए घर के मुखिया की जन्‍म संबंधि जानकारी भी अहम् होती है। जिसके आधार पर उसकी शुभ दिशा को वास्‍तु व फेंग्‍शुई गैजेट से एक्टिवेट किया जाए तो उसे जीवन में अधिकतम सफलता मिल सकती है|

Leave a comment