Vastu tips for Diwali 2018
27 Oct

दीपावली की पूजा में वास्तु का प्रयोग कर सर्वोत्तम लाभ
दीपावली पर सामाजिक जीवन को बढाकर समपन्नता बढ़ाए

जगमगाती रोशनियां, तरक्की, आनन्द एवं लक्ष्मी पूजा इस समय सभी जगह यही माहौल है। कितना अच्छा हो यदि आप इस त्यौहार के मनाने में दिल से अन्तर मन को शामिल करें। यह त्यौहार धन तेरस से शुरू होंगे और इसमें आराधना का मुख्य कारण खुशी, समपन्नता एवं मानसिक स्वस्थता को प्राप्त करना है।
धन वृद्धि के लिए इस समय रीयल स्टेट मार्केट बेहद शुभ मानी जाती है। वास्तु के अनुसार यह आपको अच्छी वृद्धि एवं समृद्धि प्रदान करेंगे, यहाॅं तक कि यदि उस समय बाजार में इस क्षेत्र में गिरावट का दौर चल रहा हो। आपको अन्य कठिनाइयां यथा प्लाट या रीयल स्टेट को किराये पर चढ़ाने या समय पर इसके विक्रय करना आदि, का सामना नहीं करना पडेगा एवं इस सम्पत्ति से अच्छा लाभ मिलेगा।

त्यौहार शुरू होने से पहले निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें

  • आप अपने घर में ऐसी बेकार वस्तुयें जो कि खराब हैं एवं लम्बे समय से उपयोग में नहीं आ रही है तुरन्त बेंच दें। स्टोर रूम को साफ करें एवं अनावश्यक सामान हटा दें।
  • कुछ लोग शिकायत करते हैं कि कि उन्हें वह तरक्की प्राप्त नहीं हो रही है जो कि उनके द्वारा इतने परिश्रम करने पर मिलनी चाहिए थी। जंग लगी चीजें, बेकार इलेक्ट्रोनिक आइटम है तो उन्हें तुरन्त हटा दें।
  • घर की व्यवस्था को केवल दो दिन दें आप पायेंगे कि आपको इसके प्रतिफल में बहुत लाभ मिलेगा। 49 दिनों के अन्दर आप महसूस करेंगे कि चीजें एवं परिस्थितियां परिवर्तित हो रही हैं एवं आपकी जीवन में नई स्थिति बनती जा रही है।
  • आप अपने दिन की शुरूआत बडे बुजुर्गो के आर्शीवाद से प्रारम्भ करें।
  • पश्चिम जोन को लाभ का जोन कहा जाता है, अतः आप इस दीपावली पर यह अवश्य करें कि आप अपनी घर, सम्पत्ति, इनवेस्टमेंट, पाॅलिसियां व पेपर सभी इस जोन में रखें।
  • यदि आप सोना खरीदने की सोच रहे हैं तो ये बहुत अच्छा दिन है, दीपावली पूजा करते समय सारा सोना पूजा में रखें तदुपरांत ही इसे लाॅकर में रख दें।
  • लाभ एवं समृद्धि के लिए उत्तर जोन में गोल्डन टेम्पल की तस्वीर लगायें। यह जोन सम्पत्ति एवं लाभ को बढाने में सहायक है।

इस दीपावली अपने सामाजिक जीवन को बढाकर समपन्नता बढ़ाऐं

हमारा व्यायसायिक व सामाजिक सर्किल बढा व अच्छे स्तर का हो तो यह व्यवसाय एवं तरक्की में सहायक होता है। सामाज में मान सम्मान होना भी अपने आप में एक बेहद सुखद अहसास है, सूर्य ग्रहों एवं पूरब दिशा का स्वामी हैं और उर्जा प्रवाह की शक्ति इसके ही हाथ में है इसलिए पूर्वी जोन न केवल वास्तु के अनुसार से अच्छा होना चाहिए बल्कि उसे वास्तु और फेंग श्ुाई के माध्यम से और शक्तिशाली एवं प्रभावशाली भी करना चाहिए। जिससे कि लाभ एवं फायदा बहुत अधिक एवं निरन्तर मिलता रहे।
टायलेट नकारात्मकता का स़्तोत्र है यदि इस जोन में टायलेट का निर्माण करता है तो उसके अन्दर आत्मविश्वास का अभाव रहता है व ऐसा व्यक्ति जो कुछ भी कहता है वह उसके विचार एवं सोच को उसके परिवार एवं कार्यालय व अन्य जगहों पर महत्व नहीं दिया जाता है।
जिन व्यक्तियों का पूर्वी जोन सहीं नहीं है वह व्यक्ति संसार एवं समाज से कटे रहते हैं। वह अकेले रहना चाहते है और दूसरी ओर उन्हें यह परेशानी रहती है कि उनसे कोई सम्पर्क नहीं रखना चाहता।

पूर्व दिशा को एनर्जाईट करें

  • इस जोन को साफ करें एवं इस जोन में बेकार की चीजों को इकट्ठा न करें और इस जोन में हल्का हरे रंग करवायें।
  • दीवार पर बडा मिरर लगायें और लाल धागे में क्रिस्टल बाल लटकायें।
  • दिवाली के अवसर पर फेंग शुई लैंप भी लगा सकते है।
  • पूर्वी दिशा में लकडी से बने शो-पीस भी रखें क्योंकि यह जोन काष्ठ तत्व का प्रतिनिधित्व करता है, इससे पूरब दिशा की शक्ति में वृद्धि हो सके एवं इस दिशा का भरपूर लाभ मिलता रहे।

आराधना एवं इसकी दिशा

  • पूजा करने से पूर्व यह सुनिश्चित कर लें कि गणेश एवं लक्ष्मी की मूर्तियां खंडित या टूटी हुई नहीं हैं। यदि ऐसा है तो ऐसी मूर्तियों को बहते हुए नदी के जल में प्रवाहित कर दें।
  • दीपावली पूजा के लिए आदर्श जगह पूरब दिशा या दक्षिण पूर्वी जोन है।
  • रोशनी की सजावट, सभी प्रकार की सजावट और लाल, पीले, नांरगी एवं हरे रंग की रंगोली डिजाइन आदि से घर को सजायें।

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