T Junction House Vastu
09 Jan

टी प्वाइंट पर बने घरों को लेकर लोगों के मन में अलग-अलग बातें हैं। आमतौर पर इसके बारे में ऐसी मान्यता है कि अगर आपका घर टी प्वांइट पर बना हुआ है, तो आपके जीवन में कुछ भी अच्छा नहीं हो सकता। वास्तु शास्त्र में टी प्वांइट पर बने घरों को अच्छा नहीं माना जाता है। लेकिन यह जरूरी नहीं है कि टी प्वांइट हमेशा बुरा प्रभाव देने वाला ही होता है। यदि आपका घर उत्तर, उत्तर-पूर्व या पूर्व का टी प्वांइट वाले प्लाॅट पर बना हुआ है, तो यह कई तरह से फायदेमंद सिद्ध हो सकता है। यह आपको नेम-फेम दिलाने वाला हो सकता है, आर्थिक रुप से फायदेमंद हो सकता है। मुंबई का प्रसिद्ध महबूब फिल्म स्टूडियो में भी पूर्व का टी प्वांइट है, जो कि इसकी प्रसिद्धि का प्रमुख कारण है।

टी प्वांइट वाले प्लाट के हानिकारक परिणाम:-

  • घर की वरिष्ठ सदस्य को अनायास ही बीमारियां लग सकती हैं
  • अकाल मौत या वंश बढ़ौतरी ना हो पाना
  • व्यापार का ठप्प हो जाना, आर्थिक परेशानी का सामना
  • मानहानि, टैक्स डिपार्टमेंट व अन्य सरकारी विभाग संबंधी परेेशानी
  • घुटनों के दर्द व टांगों से जुड़ी अन्य बीमारी का कारक

अगर आपका घर टी प्वांइट पर है और वह उत्तरी व पूर्वी ज़ोन के अलावा किसी अन्य दिशा में है, तो आपको उपरोक्त समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसका सकरात्मक या नकारात्मक परिणाम व्यक्ति विशेष की जन्मतिथि के आधार पर पड़ता है। पश्चिम मुखी टी प्वांइट पर बना घर उस घर में रहने वाली वरिष्ठ महिलाओं के लिए बीमारियों का कारण बन सकता है। वैसे वास्तु उपचार के बाद टी-प्वाईंट वाले घर अशुभ फल देना बंद कर देते है पर यह कई अन्य कारणो पर भी निर्भर करता है।

टी प्वांइट पर ऑफिस
जिन लोगों का ऑफिस अशुभ टी प्वांइट पर बना होता है। उनके व्यवसाय में निरंतर घाटा होता है। हर समय वे पैसे की समस्या से जूझते रहते हैं। ऐसी जगह पर घर और ऑफिस होने से खराब स्वास्थ्य के साथ-साथ दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। अगर आपका घर या ऑफिस टी प्वांइट पर है, तो उससे घबराने की जरूरत नहीं है। टी प्वांइट पर बने सभी ऑफिस बुरे परिणाम वाले नहीं होते हैं। अगर आपका ऑफिस उत्तर-पूर्व दिशा के टी प्वांइट पर है, तो यह सुख-समृद्धि और बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करने वाला होता है।

टी प्वांइट घरों का प्रभाव
वास्तु में टी प्वांइट वाले प्लाॅट पर बने घरों और ऑफिस को अच्छा नहीं माना जाता। इसकी वजह से निरंतर नुकसान ही होता रहता है और यदि दक्षिण-पश्चिम का टी-प्वाईंट हो और मुख्यद्वार भी इसी दिशा में हो तो यह अकस्मात मृत्यु या किसी बढ़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है, इसके अलावा ऐसे प्लाॅट पर बेहद मुश्किल ही तरक्की मिल पाती है, वो भी कुछ समय तक के लिए जब तक भाग्य स्थिति ठीक हो। इसकी वजह से इसी तरह की और भी बहुत सारी समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है। वास्तु में आठ तरह के टी-प्वांइट का वर्णन मिलता है, जिनमें से तीन अच्छे प्रभाव देने वाले होते हैं और पाॅंच का परिणाम बुरा ही होता है।

  • उत्तर-पूर्व का टी प्वांइट सभी दृष्टि से अच्छा माना जाता है यह सुख-समृद्धि प्रदान करने वाला होता है।
  • उत्तर का टी प्वांइट भी पैसा और महत्वपूर्ण अवसर दिलाता है।
  • पूर्व दिशा में मान सम्मान तथा अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करने वाला होता है। ऐसे घर में रहने वाले लोग सामाजिक कार्याे से कहीं न कहीं जुडे़ होते है अथवा राजनीति में सक्रिय होते है।
  • उत्तर-पश्चिम का टी प्वांइट बुरा फल देने वाला होता है यह अच्छे खासे व्यवसाय को खत्म करने वाला और आर्थिक तंगी बढ़ाने वाला होता है।
  • दक्षिण पूर्व में चोरी व नौकरो द्वारा वारदात व आगजनी जैसी घटनाओ को निमंत्रण देता है।
  • अगर आपका घर दक्षिण के टी प्वांइट पर है, तो यह युवाओं के लिए खतरा पैदा करने वाला है। इस घर में रहने वाले युवा नशा आदि जैसी बुुरी गतिविधियों में संलग्न हो सकते हैं।
  • दक्षिण-पश्चिम के टी प्वांइट पर बना घर उस घर में रहने वालों के लिए कैंसर जैसी बीमारी का कारक और परिवार में अचानक किसी की मृत्यु का कारक भी बन सकता है। इसलिए जहां तक हो सके अपने रहने के लिए टी-प्वांइट घरों का चयन करने से बचें।

गौर करें वास्तु के उपचारों पर

  • टी प्वांइट घरों में सकरात्मक उर्जा का मार्ग अवरुद्ध होता है, इसलिए वहां रहने वाले हमेशा समस्याओं से ग्रसित रहते हैं, इससे बचने के लिए यह बेहद जरूरी है कि घर के अंदर सकारात्मक उर्जा को आकर्षित करने के लिए दरवाजे पर मधुर ध्वनि वाल विंड चाइम्स लगायी जाये।
  • यदि आग्नेय में टी-प्वाईंट है तो घर के अंदर इसी जोन में फेंग्षुई के प्लांट लेडी पाम, एरेका पाल्म, बैम्बू पाल्म, इंग्लिष इवी, ड्वारफ डेट पाल्म, पीस लिली, डरेकेना जैनेट कै्रग क्तंबंमदं श्रंदमज ब्तंपह में से अपनी पसंद को कोई भी प्लांट लगायें।
  • घर के अंदर से नकरात्मक उर्जा को बाहर करने के लिए मुख्य द्वार पर चार इंच की पीली पट्टी लगायें और पिरामिड द्वारा भी उपाय किया जा सकता है।
  • घर के भीतर प्रवेश द्वार के सामने आईना ना लगायें। यह सकरात्मक उर्जा को घर से बाहर निकाल देती है।

Leave a comment